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Shubhendu Adhikari ने ECI ko Likhi Chaunkane vali Chitthi:सीमावर्ती जिलों में वोटर लिस्ट में देखि गाई विस्फोटक बढ़ोतरी |
Shubhendu Adhikari ने ECI ko Likhi Chaunkane vali Chitthi:सीमावर्ती जिलों में वोटर लिस्ट में देखि गाई विस्फोटक बढ़ोतरी
Shubhendu Adhikari ने ECI ko Likhi Chaunkane vali चिट्ठी सीमावर्ती जिलों में वोटर लिस्ट में देखि गाई विस्फोटक बढ़ोतरी :हाली हो मे देखी जा रही है सीमाबर्ती जिला में अचानक से बर गई है मतदाता सूची में नाम जोड़ने का आवेदन। इन जिलों में एक सप्ताह में करीबन 70,000 से भी ज्यादा आबेदन जमा करा गया है मतदाता सूची में जोड़ने के लिए। जहा पर यह संख्या 20 से 30 हज़ार के बीच मे होना चाहिए था।इस मामले को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए और घुसपैठ की आशंका का हवाला देते हुए राज्य के विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकार ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा।
अपने पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री (ममता बनर्जी) के कार्यालय से हाल ही में जिला शासकों और अनुमंडल शासकों को एक निर्देश भेजा गया है, जिसमें बड़ी संख्या में डोमिसाइल सर्टिफिकेट (निवासी प्रमाण पत्र) जारी करने को कहा गया है। शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि इन्हीं प्रमाण पत्रों के माध्यम से घुसपैठिए वोटर लिस्ट में नाम दर्ज करवा सकते हैं।
उन्होंने आगे बताया कि इस निर्देश के कारण उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, नदिया, मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर, कूचबिहार, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जैसे सीमावर्ती जिलों में फॉर्म-6 (वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने का आवेदन) भरने की होड़ मच गई है। उनके अनुसार, रोहिंग्या मुस्लिम और बांग्लादेशी घुसपैठियों को वोटर लिस्ट में शामिल कराने के लिए राजनीतिक स्वार्थवश ये सर्टिफिकेट दिए जा रहे हैं।
विपक्षी नेता ने आशंका जताई है कि इन आवेदनों में रोहिंग्या मुसलमानों या बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम हो सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि सरकार की ओर से जानबूझकर इन्हें डोमिसाइल सर्टिफिकेट दिए जा रहे हैं। उनके अनुसार, इस प्रकार वोटबैंक की राजनीति के लिए देश की लोकतांत्रिक संरचना को कमजोर किया जा रहा है।
शुभेंदु अधिकारी ने यह मांग की है कि 25 जुलाई 2025 के बाद जारी किसी भी डोमिसाइल सर्टिफिकेट को वोटर लिस्ट के विशेष संशोधन (SIR) के दौरान मान्यता न दी जाए। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग से राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश देने की भी मांग की है।
उन्होंने आगे कहा कि देश के लोकतंत्र की पवित्रता को किसी भी राजनीतिक दल या सरकार के वोटबैंक के स्वार्थ के कारण क्षति नहीं पहुँचने दी जा सकती। जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि उनकी पहली जिम्मेदारी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है। उनकी निष्ठा देश के प्रति होनी चाहिए, किसी राजनीतिक दल के प्रति नहीं। इस चिट्ठी की एक प्रति राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल को भी भेजी गई है।
यह विषय बहुत गंभीर है इसे लेकर इतनी शक्ति भड़कता चाहिए जितनी जरूरत है, क्योंकि यह खाली खाली किसी भी राष्ट्रीय का मामला नहीं है, यह पूरे देश की मामला है, इस विषय को बहुत ही गंभीर से लेना चाहिए और सरकार को इस विषय कारी करवाई करना चाहिए।
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