राहुल गांधी ने 35,000 वोट चोरी का लगाया भाजपा पर बड़ा आरोप

 




 राहुल गांधी ने 35,000 वोट चोरी का लगाया भाजपा पर बड़ा आरोप 



 कांग्रेस ने लगाया भाजपा पर 35,000 वोटो का चोरी का बड़ा आरोप आईए जानते है क्या है क्या है माजरा। बीते कुछ दिनों से राहुल गांधी का बयान भारत मे चर्चा का विषय बना हुआ है, उन्होंने भाजपा पर लगाए कई बड़े आप बोर्ड चोरी का। इसी बात को लेकर विवाद चिरा हुआ है कांग्रेस और भाजपा में।


 वोट चोरी का विवाद :


 ट्विटर पर उनका वीडियो ट्रेन कर रहा है क्योंकि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह कहते हुए पाया गया भाजपा वोटर चोर है, भाजपा ने 35,000 फर्जी वोटो से जीता है यह उनकी दवा है।


 और उन्हें यह कहते भी पाया गया है कि उनके पास तत्व है जैसे कि यह साबित कर सकते हैं कि 35000 फर्जी फोटो से भाजपा इस बार सरकार में आए हैं, और राहुल गांधी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि वह 25 सीटों से प्रधानमंत्री है और उन्होंने उनमें से एक सीट का पूरा तथ्य निकला है उनके पास प्रमाण है कि वह चोरी किया हुआ फोटो से जीते हैं, और राहुल गांधी को यह भी कहते हुए पाया गया कि वह साबित कर देंगे की भाजपा के प्रधानमंत्री चोरी करके प्रधानमंत्री बने हैं,यह सीधे-सीधे भाजपा पर एक बड़ा अरौप।



 राहुल गांधी ने इलेक्शन कमीशन से माँगा डाटा :


  राहुल गांधी ने इलेक्शन कमीशन से मांगा वोटग डाटा लेकिन इलेक्शन कमिशन सीधे तौर पर मना करते हैं, मना करने के बाद इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट ही तुरंत बंद कर देते हैं,लेकिन यह जानना चाटता है पूरा भारत यह विपक्षी पार्टी के नेता राहुल गांधी का कहना है। 


चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से मांगा जवाब: "डेबिट" टिप्पणी पर बढ़ा विवाद


भारतीय चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से उनकी "डेबिट" टिप्पणी के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब 4 जुलाई को लोकसभा चुनाव परिणामों के दौरान राहुल गांधी ने कहा:एक व्यक्ति के क्रेडिट से पूरा देश डेबिट में चला गया।"


चुनाव आयोग की चिंताएँ:


1.आचार संहिता उल्लंघन का संभावित मामला


2.भारत की आर्थिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने का आरोप


3.व्यक्तिगत हमले की श्रेणी में आने वाला बयान


क्रमबद्ध घटनाक्रम:

4 जुलाई राहुल गांधी का "डेबिट" बयान

8 जुलाई चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया

10 जुलाई जवाब देने की अंतिम तारीख


विश्लेषण:

राजनीतिक विश्लेषक डॉ. संजय कुमार के अनुसार, "यह मामला केवल शब्दों का नहीं है। आयोग व्यक्तिगत आलोचना और सरकार की आलोचना के बीच की सीमा तय करना चाहता है।"


भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट किया: "राहुल जी का बयान देश की आर्थिक प्रगति पर पानी फेरने की साजिश है।"


कानूनी पहलू:

• चुनाव आयोग के पास इस मामले में कार्रवाई के तीन विकल्प हैं:


• चेतावनी जारी करना


• अपराधिक मामला दर्ज करना


• भविष्य के चुनावों में प्रतिबंध लगाना


यह पहली बार नहीं है जब चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से जवाब मांगा है:

• 2019 में "चोर" टिप्पणी के लिए नोटिस

• 2023 में कश्मीर पर बयान के लिए कारण बताओ नोटिस


राहुल गांधी को 10 जुलाई तक अपना जवाब देना होगा। इस मामले का परिणाम चुनाव सुधारों और राजनीतिक भाषण की सीमाओं पर महत्वपूर्ण नजीर बना सकता है। राजनीतिक टिप्पणी और जिम्मेदार भाषण के बीच संतुलन बनाने की यह कवायद भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता की नई कसौटी साबित होगी।

 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.