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| Hair Loss and Grey Hair Solution:कम उम्र में सफेद बाल क्यों होते हैं? डॉक्टरों ने बताए डाइट से जुड़े बड़े कारण |
कुछ साल पहले तक सफेद बाल उम्र बढ़ने की पहचान माने जाते थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। आज 20 और 30 की उम्र में ही बालों का पकना जैसे आम समस्या बन गया है। और यह समस्या हर एक बन्दे को छोड़कर किसी दूसरे को है। ऊपरसे ऑफिस का तनाव, मोबाइल और लैपटॉप के सामने लंबा वक्त, अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान ये सभी मिलकर बालों की सेहत को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
डर्मेटोलॉजिस्ट और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि समय से पहले सफेद बालों के पीछे सिर्फ जेनेटिक्स ही जिम्मेदार नहीं होते। शरीर में पोषक तत्वों की कमी, खासकर आयरन, प्रोटीन, विटामिन B12 और एंटीऑक्सिडेंट्स की कमी भी इस समस्या को बढ़ा देती है। ऐसे में बार-बार हेयर डाई या कलर का इस्तेमाल करने के बजाय अगर खानपान पर ध्यान दिया जाए, तो बालों का नेचुरल रंग लंबे समय तक बनाए रखा जा सकता है।
आंवला से मजबूत होती हैं बालों की जड़ें
आंवला भारतीय घरों में सदियों से इस्तेमाल होता आ रहा है और इसके फायदे आज भी उतने ही कारगर हैं। आंवला विटामिन C और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होता है, जो स्कैल्प को पोषण देता है और बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आंवला मेलेनिन के उत्पादन में मदद करता है, जो बालों के प्राकृतिक रंग को बनाए रखने के लिए जरूरी है। रोज़ाना आंवले का जूस, मुरब्बा या सूखा आंवला खाने से समय से पहले सफेद होने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है।
करी पत्ता बालों के रंग को बनाए रखने में मददगार
करी पत्ता सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसमें मौजूद बीटा-कैरोटीन और विटामिन B कॉम्प्लेक्स बालों के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। ये तत्व बालों को पोषण देकर उनके प्राकृतिक रंग को बनाए रखने में मदद करते हैं। कई एक्सपर्ट्स यह भी सलाह देते हैं कि करी पत्ते को नारियल तेल में उबालकर स्कैल्प पर लगाने से सफेद बालों की समस्या में सुधार देखा जा सकता है।
अखरोट और बादाम से मिलता है जरूरी पोषण
ड्राई फ्रूट्स, खासकर अखरोट और बादाम, बालों की सेहत के लिए किसी सुपरफूड से कम नहीं हैं। इनमें मौजूद कॉपर और ओमेगा-3 फैटी एसिड मेलेनिन के निर्माण में सहायक होते हैं। यही कारण है कि जो लोग नियमित रूप से सीमित मात्रा में ड्राई फ्रूट्स का सेवन करते हैं, उनके बालों में चमक और मजबूती बनी रहती है। रोज़ाना कुछ भीगे हुए बादाम और एक-दो अखरोट खाने से बालों की सेहत में फर्क महसूस किया जा सकता है।
दालें पूरी करती हैं प्रोटीन की कमी
बालों का मुख्य आधार प्रोटीन होता है। जब शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता, तो बाल कमजोर होकर जल्दी सफेद होने लगते हैं। चना, राजमा, मसूर और सोयाबीन जैसी दालें प्रोटीन और आयरन का अच्छा स्रोत हैं। न्यूट्रिशनिस्ट्स के अनुसार, जिन लोगों को समय से पहले सफेद बालों की समस्या है, उन्हें अपने रोज़ के भोजन में दालों को जरूर शामिल करना चाहिए।
हरी पत्तेदार सब्ज़ियां रखती हैं बालों को हेल्दी
पालक, मेथी और ब्रोकली जैसी हरी सब्ज़ियां आयरन, फोलेट और विटामिन A से भरपूर होती हैं। ये पोषक तत्व स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाते हैं, जिससे बालों तक सही मात्रा में पोषण पहुंचता है। इसका असर बालों की मजबूती और उनके प्राकृतिक रंग पर भी पड़ता है।
सिर्फ डाइट नहीं, लाइफस्टाइल भी है जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि सही खानपान के साथ-साथ बेहतर लाइफस्टाइल अपनाना भी जरूरी है। पर्याप्त नींद लेना, तनाव कम करना, धूम्रपान से दूरी बनाना और जंक फूड का सेवन कम करना — ये सभी आदतें बालों की सेहत को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करती हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या या डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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