नेपाल में 7 सितंबर को राष्ट्रीय शोक, त्रिशूली परियोजना की सुरंग खोलने में जुटी रेस्क्यू टीम



नेपाल में 7 सितंबर को राष्ट्रीय शोक, त्रिशूली परियोजना की सुरंग खोलने में जुटी रेस्क्यू टीम

नेपाल में 7 सितंबर को राष्ट्रीय शोक, त्रिशूली परियोजना की सुरंग खोलने में जुटी रेस्क्यू टीम


नेपाल में 7 सितंबर को राष्ट्रीय शोक, त्रिशूली परियोजना की सुरंग खोलने में जुटी रेस्क्यू टीम

नेपाल में हाल ही में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के सम्मान में नेपाल सरकार ने 7 सितंबर को राष्ट्रीय शोक मनाने का निर्णय लिया है। इस दौरान देशभर के सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। विदेशों में स्थित नेपाली दूतावासों और राजनयिक मिशनों में भी शोक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

सरकार के इस फैसले का उद्देश्य आपदा में मारे गए लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त करना और उनके परिवारों के साथ संवेदना प्रकट करना है। राष्ट्रीय शोक के दौरान सरकारी स्तर पर श्रद्धांजलि दी जाएगी तथा मृतकों को याद किया जाएगा।

13वें दिन मनाया जाएगा राष्ट्रीय शोक

नेपाल सरकार ने यह निर्णय गुरुवार दोपहर हुई कैबिनेट बैठक में लिया। सरकार के प्रवक्ता और शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल ने फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि फ्लैश फ्लड में मारे गए लोगों के सम्मान में घटना के 13वें दिन राष्ट्रीय शोक मनाया जाएगा।

7 सितंबर को नेपाल के सभी सरकारी कार्यालयों में नेपाली झंडा आधा झुका रहेगा। इसके अलावा विदेशों में मौजूद नेपाली दूतावासों और राजनयिक मिशनों में भी राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाया जाएगा। सरकार ने इस कदम के जरिए आपदा पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना और जिम्मेदारी जाहिर की है।

8 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश

राष्ट्रीय शोक के अगले दिन यानी 8 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। यह अवकाश जेन जी आंदोलन की पहली वर्षगांठ के अवसर पर दिया जाएगा।

सरकार के अनुसार, 8 सितंबर 2025 को हुए जेन जी आंदोलन के दौरान कई युवाओं की जान चली गई थी। आंदोलन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में मारे गए युवाओं की स्मृति में यह सार्वजनिक अवकाश रखा गया है। इस फैसले के बाद देश में लगातार दो दिनों तक सरकारी स्तर पर अलग-अलग कार्यक्रम और श्रद्धांजलि गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

त्रिशूली-3A परियोजना में बचाव अभियान जारी

दूसरी ओर, नेपाल में बचाव अभियान अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। रसुवा की भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद नुवाकोट स्थित त्रिशूली-3A जलविद्युत परियोजना को भारी नुकसान पहुंचा है। परियोजना का मुख्य ढांचा और सुरंग मलबे में दब गए हैं। सुरंग के अंदर लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए नेपाली सेना के नेतृत्व में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

इस अभियान में कुल 93 लोगों की टीम शामिल है। इसमें नेपाली सेना के जवानों के अलावा चीनी दल और तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद हैं। बचाव दल मलबा हटाने के लिए पांच एक्स्काभेटर, कंप्रेसर और ब्रेकर मशीनों का इस्तेमाल कर रहा है।

सुरंग के मुहाने पर भारी मलबा

बचाव दल के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरंग के प्रवेश द्वार पर जमा भारी मलबा है। सुरंग के मुहाने पर करीब 40 मीटर लंबा और 20 मीटर ऊंचा लोहे का क्षतिग्रस्त ढांचा पड़ा हुआ है। इसके अलावा बड़े-बड़े पत्थर, मिट्टी और कीचड़ भी रास्ते में जमा हैं।

लगातार प्रयासों के बाद रेस्क्यू टीम सुरंग का लगभग तीन फीट हिस्सा खोलने में सफल हुई है। बताया जा रहा है कि बचाव दल सुरंग के अंदर करीब 15 से 20 मीटर तक पहुंच चुका है। हालांकि, सुरंग का रास्ता अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है, जिसके कारण अभियान में काफी समय लग रहा है।

सात बड़े पत्थरों को ब्लास्टिंग के लिए तैयार किया गया

सुरंग के अंदर मौजूद सात बड़े पत्थरों को हटाने के लिए ब्लास्टिंग की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों के सामने चुनौती यह है कि भारी मशीनों को सुरंग के अंदर पहुंचाने के लिए पहले प्रवेश द्वार को पूरी तरह खोलना जरूरी है।

त्रिशूली-3A परियोजना की सुरंग लगभग 170 मीटर लंबी बताई जा रही है। इसमें मिट्टी और कीचड़ भर जाने के कारण अंदर तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। बचाव दल को पहले रास्ते से मलबा हटाना होगा और उसके बाद ही सुरंग के अंदर आगे बढ़ना संभव होगा।

पावरहाउस तक पहुंचना अभी बाकी

रेस्क्यू टीम को सुरंग का पूरा रास्ता पार करने के बाद ही पावरहाउस और परियोजना की अन्य संरचनाओं तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। फिलहाल टीम सावधानीपूर्वक मलबा हटाने और रास्ता सुरक्षित बनाने में जुटी है।

नेपाल में एक तरफ सरकार फ्लैश फ्लड में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने की तैयारी कर रही है, तो दूसरी तरफ बचाव दल अब भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। सुरंग खोलने का अभियान कठिन परिस्थितियों में चलाया जा रहा है और बचावकर्मी मशीनों तथा तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से लगातार काम कर रहे हैं।

निष्कर्ष

नेपाल की इस प्राकृतिक आपदा ने कई परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। राष्ट्रीय शोक का निर्णय मृतकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, त्रिशूली-3A परियोजना में जारी बचाव अभियान से उम्मीद बनी हुई है कि रेस्क्यू टीम जल्द ही सुरंग का रास्ता पूरी तरह खोलकर अंदर की स्थिति स्पष्ट कर सकेगी।

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